
चिंता पर सुविचार (Worry Quotes in Hindi), अनमोल वचन, दोहे, कविता – चिंता (Concern, worry or anxiety) अपने बारे में अथवा अपने किसी प्रियजन को लेकर आप चिंतित हो सकते हैं। चिंता का लगातार बना रहना आपको और अधिक परेशानियों की ओर ले जा सकता है। चिंता आपको क्रोध, अवसाद जैसी अन्य बीमारी में ढकेल सकती है । इसलिए आप इससे बचें । सामान्य उपाय, जो आप कर सकते हैं –
1. खुद पर भरोसा करें
2. दूसरों से अपनी तुलना करना बंद करें
3. अपने कार्यों में सक्रिय रहें
4. स्वयं से प्यार का अभ्यास करें
5. अतीत से उबरने के लिए रुचि अनुसार सकारात्मक गतिविधि अपनाएँ ।
चिंता पर सुविचार, अनमोल वचन
बीते कल का अफ़सोस और
आने वाले कल की चिंता,
दोनों ऐसे चोर हैं जो
हमारे आज की खूबसूरती को चुरा ले जाते हैं।

चिंता करोगे तो भटक जाओगे,
चिंतन करोगे तो भटके हुए को रास्ता दिखाओगे।
चिंता कर कुछ हासिल नहीं हो सकता परन्तु
चिंतन कर ऐसा कुछ नहीं जो,
आप हासिल नहीं कर सकते।

चिंता और चिता में बस बिंदु मात्र का फर्क है
चिंता शरीर को चिता तक ले जाती है और
चिता शरीर को सारी चिंता से मुक्त कर देती है ।
कुछ को उनकी खुशियाँ सोने नही देती, तो
कुछ को उनकी चिन्ताएं जगाती हैं।
अगर आप तनाव से मुक्त जीवन जीना चाहते हैं तो
अपने जीवन की तुलना
कभी दूसरे के जीवन से मत कीजिएगा।

चिंता इतनी कीजिए कि काम हो जाए
पर इतनी नहीं कि
जिंदगी तमाम हो जाए
मालूम सबको है कि
जिंदगी बेहाल है
लोग फिर भी पूछते हैं
और सुनाओ क्या हाल है ।
हमारे जीवन के दो प्रबल शत्रु – क्रोध और चिंता
क्रोध से विवेक का नाश होता है तो चिन्ता से मनोबल का
क्रोध से शांति का नाश होता है तो चिंता से सौंदर्य का ।
सारी चिंता जीते जी हैं, चिता पर तो
जलने का भी पता नहीं चलेगा।

जो भाग्य में है, वह कहीं से भी भाग कर आयेगा और
जो भाग्य में नहीं है, वह आकर भी भाग जायेगा।
फिर चिंता किस बात की ?
आप केवल अपना कर्म करते रहें।
दुःख पीछे देखता है
चिंता इधर-उधर देखती है पर
विश्वास सदैव आगे देखता है।
चिन्ता पर महापुरुषों के विचार –
कर्म करो, फल की चिंता मत करो – श्रीकृष्ण
दुख को दूर करने की एक ही अमोघ औषधि है,
मन से दुखों की चिंता न करना। – महर्षि व्यास
चिंता ऐसी डाकिनी, काट कलेजा खाए,
वैद बेचारा क्या करे, कितना मरहम लगाए । – संत कबीर
अर्थ: संत कबीर जी कहते हैं कि चिंता वो
अदृश्य डाकिनी है जो मनुष्य के हृदय को
आघात पहुँचाती है, वह घाव किसी को नहीं दिखाई देता है।
यहां तक की विश्व को कोई भी वैद्य
जितना चाहे उतना मरहम लगा कर भी
इसका इलाज नहीं कर सकता है।

सुबह से शाम तक काम करके
आदमी उतना नहीं थकता जितना
क्रोध या चिंता के एक घंटे में थक जाता है । – स्वेट मार्डेन
चिंता से चतुराई घटे दुख से घटे शरीर
जोड़े से माया घटे कह गया एक फकीर
चिंता चिता के समान हैं, क्योंकि
चिता मुर्दे को जलाती हैं और
चिंता जिंदा को जलाती है। – प्रेमचंद
अगर आप कल की चिंता करने में लगे रहते हैं तो
आज के लिए नहीं जी सकते ।

चिंता और चिन्तन में वही फर्क है जो
एक आत्मविश्वासी स्वस्थ इंसान और
बीमार इंसान में होता है – स्वेट मार्डेन
अगर इन्सान सुख-दुःख की चिंता से ऊपर उठ जाए, तो
आसमान की ऊंचाई भी उसके पैरों तले आ जाए– शेख सादी
जिन बातों के बारे में लोग चिंता करते हैं
उनमें से लगभग निन्यानवे फीसदी तो घटित ही नहीं होती हैं तथा
शेष एक फीसदी से तो बचा नहीं जा सकता – ओसवाल्ड होफमैन
Worry Quotes in Hindi
बेकार की चिंता करते हो बस इतना सा फलसफा है।
फिक्र में होते हो तो खुद जलते हो और
बेफिक्र होते हो, तो दुनिया जलती है ।
चिंता चिता समान है, बेकार की चिंता करते हो
जहाँ तुम्हारा नहीं कोई, परिवार की चिंता करते हो
हानि लाभ लगा रहता, व्यापार की चिंता करते हो
कब उछले कब लुढ़केगा, बाज़ार की चिंता करते हो
भुजाओं में जब बल नहीं, तलवार की चिंता करते हो
तिल में तुम्हारे तेल नहीं, तुम धार की चिंता करते हो
देश की नहीं परवाह तुम्हें, गद्दार की चिंता करते हो ।
छेद तुम्हारे नाव में है, पतवार की चिंता करते हो
अभी तो इतवार आया है, सोमवार की चिंता करते हो
जीवन में खुश रहना है तो रखना आत्म सम्मान ।
व्यर्थ की चिन्ता ना कीजिये, चिन्ता चिता समान ।।
बेकार की चिंता करते हो
बेवजह कल की परवाह करते हो।
रख आज पर उम्मीद कल का नया सूरज देखो।
तेरा कल तेरे आज से बेहतर होगा।

पछतावा अतीत को नहीं बदल सकता
और चिंता भविष्य को नहीं सुधार सकती
इसलिए, वर्तमान का आनंद लेना ही जिंदगी का सच्चा सुख है ।
आप परिस्थिति से भागना छोड़
परेशानियों का सामना करना प्रारम्भ कर देंगे
तो आप तनाव मुक्त हो जाएंगे।
उर्जा चिन्ता करने में नहीं, समाधान में खर्च करें –

अपनी उर्जा को चिंता करने में खत्म करने से
बेहतर है कि हम उसे समाधान ढूँढ़ने में उपयोग करें ।
जो होना है,
वह होकर रहेगा
हमारे हाथ में सिर्फ कर्म करना है
प्रतिफल विधाता के हाथ में है ।
जिस पर कृपा रहती है भगवान की ।
उसे चिंता नहीं रहती किसी बात की ।।
चिंता पर सुविचार और पढ़ें –
परेशानी, चिंता करने से बढ़ जाती है
चाह मिटी, चिंता मिटी मनवा बेपरवाह ।